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आसन सर्वस्व अर्थात सप्रमाण आसन संबंधी विस्तृत विमर्श - Asan Gyan

आसन विधि ज्ञान जांचे – Online Test Asan vidhan

आसन विधि ज्ञान जांचे – Online Test Asan vidhan : कर्मकांड और धर्माचरण में आसन के संबंध में अनेकों विशेष नियम हैं जो प्रत्येक कर्मकांडी और कर्मकांड व धर्म में आस्था रखने वालों के लिये जानना आवश्यक है। इस ऑनलइन टेस्ट में आसन विधान से संबंधित प्रश्नों का संग्रह किया गया है।

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आचमन विधान

आचमन विधि ज्ञान जांचे – Online Test Achaman vidhan

आचमन विधान ज्ञान जांचे – Online Test Achaman vidhan : प्रत्येक कर्मों में आचमन करने का एक विशेष विधान है। शास्त्रों में विभिन्न वर्णों के आधार पर भी आचमन का भिन्न-भिन्न विधान बताया गया है। कई स्थितियों में आचमन हेतु विकल्प का भी विधान है। आचमन की संख्या भी कर्म के अनुसार परिवर्तित होती रहती है। इसी प्रकार आचमन के विषय में अनेकों महत्वपूर्ण तथ्य हैं जिसे सभी कर्मकांडी को जानना आवश्यक होता है।

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शिखा विधान : शिखा का महत्व - shikha ka mahatva

शिखा विधान ज्ञान जांचे – Online Test Shikha vidhnam

शिखा विधान ज्ञान जांचे – Online Test Shikha vidhnam : यहां दिये गये ऑनलाइन टेस्ट (मॉक टेस्ट) में भाग लेकर शिखा विषयक ज्ञान की वृद्धि की जा सकती है। ऑनलाइन टेस्ट में भाग लेने से पूर्व नीचे दिये गये आलेखों का अध्ययन भी आवश्यक है अन्यथा प्रश्नों के उत्तर देने में त्रुटि हो सकती है।

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पवित्रीकरण संबंधी ज्ञान जांचे - Pavitrikaran Test

पवित्रीकरण संबंधी ज्ञान जांचे – Pavitrikaran Test

पवित्रीकरण संबंधी ज्ञान जांचे – Pavitrikaran Test : इस जांच प्रक्रिया में भाग लेकर आप पवित्रीकरण संबंधी ज्ञान की वृद्धि कर सकते हैं। ज्ञान जांचने की यह क्रिया बच्चों के लिये भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने बच्चों को कर्मकांड की शिक्षा दे रहे हैं तो यहां पर उसकी जांच भी कर सकते हैं। जांच प्रक्रिया से सीखने में अधिक सहयोग प्राप्त होगा।

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इन पांच सूत्रों से कर्मकांड सीखें - 5 sutro se karmkand sikhe

इन पांच सूत्रों से कर्मकांड सीखें – 5 sutro se karmkand sikhe

इन पांच सूत्रों से कर्मकांड सीखें – 5 sutro se karmkand sikhe : योग्यता-कुशलता का तात्पर्य यह भी नहीं होता कि पुस्तकों को पढ़ लेने मात्र प्राप्त हो जाती है यदि ऐसा हो तो सबके घर में पुस्तकालय हो, विद्यालय/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय मात्र परीक्षा लेने के लिये ही हो। कर्मकांड सीखने के लिये प्रशिक्षण, नित्यकर्म, अध्ययन, स्मरण, विश्वास आदि मुख्य सूत्र हैं और इन पंचसूत्रों के द्वारा कुशल कर्मकांडी बना जा सकता है।

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