आसन विधि ज्ञान जांचे – Online Test Asan vidhan

आसन सर्वस्व अर्थात सप्रमाण आसन संबंधी विस्तृत विमर्श - Asan Gyan

धर्मकृत्यों में आसन (Asan) की आवश्यकता शास्त्रवचनों से है, वैज्ञानिक अवधारणा से नहीं और यदि आप इस सत्य को स्वीकार करते हैं तभी आगे के प्रमाणों की आपको आवश्यकता होगी अन्यथा नहीं। यदि शास्त्र वचन पर विश्वास नहीं हो तो नास्तिक हो और नास्तिकों के लिये धर्म-कर्म की क्या आवश्यकता ? धर्मशास्त्रों के अनुसार ही विभिन्न क्रियाओं के नियम और विधान को जानना-समझना चाहिये। कर्मकांड और धर्माचरण में आसन के संबंध में अनेकों विशेष नियम हैं जो प्रत्येक कर्मकांडी और कर्मकांड व धर्म में आस्था रखने वालों के लिये जानना आवश्यक है। इस ऑनलइन टेस्ट में आसन विधान से संबंधित प्रश्नों का संग्रह किया गया है।

यहां दिये गये ऑनलाइन टेस्ट (मॉक टेस्ट) में भाग लेकर आसन विषयक ज्ञान की वृद्धि की जा सकती है। ऑनलाइन टेस्ट में भाग लेने से पूर्व नीचे दिये गये आलेखों का अध्ययन भी आवश्यक है अन्यथा प्रश्नों के उत्तर देने में त्रुटि हो सकती है।

नीचे वो महत्वपूर्ण आलेख दिये जा रहे हैं जिनको पढ़कर इस जांच में भाग ले सकते हैं :

उपरोक्त पांच आलेखों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने से आप इस जांच में सभी प्रश्नों के उत्तर दे पायेंगे। सभी आलेख नये टैब में खुलेंगे अतः इस जांच में पुनः सम्मिलित होने के लिये इस टैब पर ही वापस आयें।

आचमन विधि ज्ञान जांचे – Online Test Achaman vidhan

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आसन सर्वस्व अर्थात सप्रमाण आसन संबंधी विस्तृत विमर्श - Asan Gyan

आसन विधान ऑनलाइन टेस्ट

कर्मकांड और धर्माचरण में आसन के संबंध में अनेकों विशेष नियम हैं जो प्रत्येक कर्मकांडी और कर्मकांड व धर्म में आस्था रखने वालों के लिये जानना आवश्यक है। इस ऑनलइन टेस्ट में आसन विधान से संबंधित प्रश्नों का संग्रह किया गया है।

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आसन विधान का महत्व क्यों है ?

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इनमें से क्या निषेध है ?

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इनमें से किस आसन का प्रयोग नहीं करना चाहिये?

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आसन पर किस प्रकार बैठना चाहिये

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पूजा आदि कर्म के आरंभ करने से पूर्व क्या आवश्यक है ?

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इनमें से कौन सा विनियोग सही है ?

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शांति कर्म में कौन सा आसन प्रशस्त कहा गया है ?

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व्याघ्रचर्म का आसन किसके लिये निषिद्ध कहा गया है ?

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मृगचर्म का आसन किसके लिये प्रशस्त कहा गया है ?

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आसनं वसनं शय्या जायापत्यं कमण्डलुः । आत्मनः शुचिरेतानि न परेषां कदाचन ॥ यह किस स्मृति का वचन है ?

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मृगचर्म का आसन किसके लिये निषिद्ध कहा गया है ?

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किस आसन को मोक्ष प्रदायक कहा गया है?

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