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कर्मकांड सीखें

कर्मकांड सीखें

आचमन विधि अर्थात आचमन करने की विधि

आचमन – achaman 1, 2, 3

आचमन विधि – पवित्रीकरण का मुख्य तात्पर्य ही आचमन है और अनेकानेक स्थिति में आचमन का विधान मिलता है। व्यवहार में भले ही पूजा-पाठ आदि के आरंभ में मात्र आचमन किया जाता है किन्तु पूजा-पाठ करते हुये भी अनेकानेक बार आचमन की आवश्यकता हो सकती है जो आलेख में स्पष्ट होता है। अनेकानेक आचमन की आवश्यकता होने पर आचमन के विकल्प भी बताये गये हैं।

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शुद्धिकरण : पवित्रीकरण मंत्र और विधि का विश्लेषण - Pavitrikaran

शुद्धिकरण : पवित्रीकरण मंत्र और विधि का विश्लेषण – Pavitrikaran – 1

शुद्धिकरण : पवित्रीकरण मंत्र और विधि का विश्लेषण – Pavitrikaran : पवित्रीकरण का तात्पर्य मात्र शरीर की ही शुद्धि नहीं, प्रत्येक वस्तु को शुद्ध करना है। यह समझना आवश्यक है कि पवित्रीकरण क्यों और कैसे किया जाता है। हमारे आसपास प्रत्येक वस्तु में कुछ न कुछ अशुद्धता होती है, इसलिये जब भी कोई कर्मकांड किया जाता है तो सबको शुद्ध करना आवश्यक होता है।

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