कर्मकांड सीखें

कर्मकांड सीखें

शौचांतर विधि एवं गोसेवा

स्त्री धर्म को समझें शौचांतर विधि एवं गोसेवा | stri dharm – 4

शौचांतर विधि एवं गोसेवा : चाहे जितना जोर लगा लो , चाहे जितना शोर मचा लो , नहीं झुकेगी नारी हिंदुस्तानी
पातिव्रत्य को धर्म समझे, सदाचार के मर्म को जाने, वही है नारी हिंदुस्तानी।

Read More
स्त्री धर्म को समझें शौच विधान | stri dharm - 3

स्त्री धर्म को समझें शौच विधान | stri dharm – 3

स्त्री धर्म को समझें शौच विधान | stri dharm – 3 : वर्त्तमान समय में कलयुग का ऐसा प्रभाव छा रहा है कि सभी स्वधर्म का परित्याग करके समानता-समानता चिल्ला रहे हैं, स्वेच्छाचारी बनकर स्वतंत्रता-स्वतंत्रता चिल्ला रहे हैं, धर्म का त्याग करके संविधान-संविधान, सदाचार-कुलीनता आदि का त्याग करके शिक्षा-शिक्षा चिल्ला रहे हैं।

Read More
stri dharm - स्त्री धर्म को समझें भाग - २

stri dharm – स्त्री धर्म को समझें भाग – २

stri dharm – स्त्री धर्म को समझें भाग – २ : वो अवश्य ही सोचनीय हैं जो गृह संचालन तो नहीं करती देश को संचालित करके अहंकार पालती हैं और यहां गीता के वचन “स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः” का स्मरण करते हुये विचार करना होगा कि स्त्री यदि स्वधर्म का त्याग कर रही है तो उसका दुष्परिणाम क्या होगा ?

Read More
शास्त्र के प्रमाणों से समझें स्त्री धर्म क्या है - stri dharm niti

शास्त्र के प्रमाणों से समझें स्त्री धर्म क्या है – stri dharm niti

शास्त्र के प्रमाणों से समझें स्त्री धर्म क्या है – stri dharm niti : स्त्री धर्म से संबंधित इस प्रथम भाग में स्त्रीधर्म का आरम्भ कब से होता है इसको समझते हुये स्त्रियों के जगने व धान्यसंस्कार, गृहशुद्धि आदि विषयों को समझने का प्रयास किया गया है। इसके आगे के अन्य और भी विषय हैं जो स्त्री धर्म भाग २ में समझेंगे।

Read More
क्या आप जानते हैं घर में दरिद्रता कैसे आती है - daridrata kaise aati hai

क्या आप जानते हैं घर में दरिद्रता कैसे आती है – daridrata kaise aati hai

क्या आप जानते हैं घर में दरिद्रता कैसे आती है – daridrata kaise aati hai : संसार में ऐसे कुछ ब्राह्मण ही होते हैं जो दरिद्रा से भयभीत नहीं होते, सामान्य जन दरिद्रा से भयभीत रहते हैं और कोई भी दरिद्रता नहीं चाहता। दरिद्रता से बचने के लिये यह जानना आवश्यक है कि दरिद्रता कहां-कहां जाती है।

Read More
हत्यारिन पत्नी : क्यों और कैसे पत्नी बनी चुड़ैल - patni bani chudail

हत्यारिन पत्नी : क्यों और कैसे पत्नी बनी चुड़ैल – patni bani chudail

हत्यारिन पत्नी : क्यों और कैसे पत्नी बनी चुड़ैल – patni bani chudail : आये दिन पत्नी ही पति की हत्या करती है या कराती है ऐसे प्रकरण देखे जा रहे हैं और देश व समाज हतप्रभ है कि ये क्या हो रहा है ? इसके साथ ही एक अन्य प्रकार से भी पति की हत्या की जा रही है जिसमें पति को आत्महत्या करने के लिये बाध्य कर दिया जाता है और ऐसे भी कई प्रकरण देखे गये हैं जिसमें प्रताड़ित पति ने वीडियो भी बनाया और प्रताड़ना गाथा भी सुनाई या पत्रों में लिखा।

Read More
क्या रुद्राभिषेक वास्तव में सभी के लिए है ~ Is Rudrabhishekam really for everyone?

क्या रुद्राभिषेक वास्तव में सभी के लिए है ~ Is Rudrabhishekam really for everyone?

क्या रुद्राभिषेक वास्तव में सभी के लिए है ~ Is Rudrabhishekam really for everyone : शास्त्रों में रुद्राभिषेक का विस्तार से वर्णन किया गया है, और इसके आध्यात्मिक महत्व और लाभों का परीक्षण किया गया है। यह आलेख इस प्रश्न पर गहराई से विचार करता है कि क्या रुद्राभिषेक सभी व्यक्तियों अर्थात चारों वर्णों/स्त्री-पुरुषों के लिए उपयुक्त है।

Read More
पंचमहापाप में से संकरीकरण आदि पापों को जानिये - sankarikaran kya hai

पंचमहापाप में से संकरीकरण आदि पापों को जानिये – sankarikaran kya hai

पंचमहापाप में से संकरीकरण आदि को जानिये – sankarikaran kya hai : पंचमहापापों में महापातक, अतिपातक और उपपातक के पश्चात संकरीकरण (sankarikaran) आदि पापों का क्रम आता है और इसमें और भी अनेक पाप श्रेणी हैं जो समान श्रेणी के हैं। इस आलेख में हम संकरीकरण, अपात्रीकरण, मलावह, जातिभ्रंशकर आदि पापों की चर्चा की गयी है।

Read More
पंचमहापाप में से एक उपपातक को जानिये - upapataka

पंचमहापाप में से एक उपपातक को जानिये – upapataka

पंचमहापाप में से एक उपपातक को जानिये – upapataka : व्रात्यता, बन्धुत्याग, स्त्री के व्याभिचार से जीविका चलाना, मन्त्र-यन्त्र द्वारा मारण-उच्चाटन आदि, ईंधन के लिये हरे पेड़ों को काटना, अपने लिये ही रसोई बनाना, निन्दित अन्न खाना एवं अन्यान्य अनेकों उपपातक कहे गये हैं जिनकी जानकारी यहां दी गयी है

Read More
गुरुतल्पगमन के समान पातक/महापाप - gurutalpgamansam

गुरुतल्पगमन के समान पातक/महापाप – gurutalpgamansam

गुरुतल्पगमन के समान पातक/महापाप – gurutalpgamansam : गुरुतल्पगमन के समान पाप कहने का तात्पर्य है कि वो पाप जो गुरुतल्पगमन के समान ही है भले ही उसका महापाप में वर्णन मिले अथवा न मिले किन्तु उसे महापाप ही जानना चाहिये। यहां हम गुरुतल्पगमन सम पापों को समझने का प्रयास करेंगे।

Read More