स्वर्ग में लोकतंत्र: भाग ३ — “अधिकारों का मोह और विवेक की परीक्षा”
स्वर्ग में लोकतंत्र भाग ३: जब रम्भा और मेनका ने वरुण और कुबेर को अधिकारों के जाल में फंसाया। पढ़िए लोकतंत्र के उन दोषों का शास्त्रीय विश्लेषण जो आज तक आपसे छिपाए गए।
स्वर्ग में लोकतंत्र: जब देव बने नेता – Swarg me Loktantra : “क्या होगा जब इंद्र का राजतंत्र गिरेगा और देवताओं को देना होगा वोट? पढ़िए ‘स्वर्ग में लोकतंत्र’—एक ऐसा व्यंग्यात्मक नाटक जहाँ आजादी की मांग ने पूरी सृष्टि को विनाश के कगार पर ला खड़ा किया। कैसे त्रिदेवों ने फिर संभाली कमान? जानने के लिए पढ़िए यह रोमांचक श्रृंखला।” When Gods Turned Politicians?
स्वर्ग में लोकतंत्र भाग ३: जब रम्भा और मेनका ने वरुण और कुबेर को अधिकारों के जाल में फंसाया। पढ़िए लोकतंत्र के उन दोषों का शास्त्रीय विश्लेषण जो आज तक आपसे छिपाए गए।
स्वर्ग में लोकतंत्र: भाग २ — प्रतिशोध और अधिकार का संघर्ष : “जब इंद्र के कोप ने रम्भा के स्वाभिमान को कुचला, तो जन्म हुआ स्वर्ग के पहले विद्रोह का। क्या लोकतंत्र के नाम पर रम्भा ले पाएगी अपना प्रतिशोध? पढ़िए ‘स्वर्ग में लोकतंत्र’ का दूसरा रोमांचक अध्याय।”
स्वर्ग में विद्रोह: क्या बहुमत के आगे झुकेंगे देवराज इंद्र – “जब देवर्षि नारद ने स्वर्ग की सभा में पृथ्वी के ‘लोकतंत्र’ का सत्य बताया, तो कैसे मर्यादा और अनुशासन की नींव हिल गई? पढ़िए ‘स्वर्ग में लोकतंत्र’ नाटक का पहला भाग, जहाँ कुतर्कों ने देवताओं को भी भ्रमित कर दिया।”